Sunday, May 31, 2009

आप की याद केसे आएँगी,
आप क्यों ये समाज न पाते हे ,
याद तो सीर्फ उनकी आती हे ,
जीनको हम कभी भूल जाते हे ..

7 comments:

  1. ब्लॉगिंग जगत पर स्वागत है,शाइरी हेतु


    http//:gazalkbahane.blogspot.com/

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  2. bhai waah !
    swagat hai aapka.......

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  3. वाह भई वाह..
    आपका स्वागत है जनाब ..मक्

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  4. आप की रचना प्रशंसा के योग्य है . आशा है आप अपने विचारो से हिंदी जगत को बहुत आगे ले जायंगे
    लिखते रहिये
    चिटठा जगत मैं आप का स्वागत है
    गार्गी

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  5. बहुत खूब है शेर............... थोडा शब्द लेखन पर ध्यान दें

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  6. Shubhkamnayon sahit swagat hai!

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://lalilekh.blogspot.com

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