Tuesday, July 7, 2009

महोबत

कितनी बेबस हे जिन्दगी किस्मत के आगे !

हर सपना तुट जाता हे किस्मत के आगे !!

जिसने कभी जुकना नहीं सिखा !!!

वोह भी जुक जाता हे महोबत के आगे!!!

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