Tuesday, July 7, 2009

मुस्कुराहट

पलक जुकाकर सलाम करते हे ,
इस दिल की दूआ आपके नाम करते हे ,
काबुल हो तो मुस्कुरा देंना आपकी एक मुस्कुराहट पर जिन्दगी कुर्बान करते हे !!

वादा

तुजे भुलाकर भी न भुलायेंगे हम ,
बस यही एक वादा निभा पाएंगे हम,
मिटा देंगे खुदको भी जहाँ से ,
लेकिन तेरा नाम दिलसे कभी न मिटा पाएंगे हम !!

S.M.S फंडा

रात क्या हुई रौशनी को भूल गए ?
चाँद क्या निकला सूरज को भूल गए ??
मन की कुछ देर आपको S.M.S नहीं किया !!
तो क्या हमें याद करना भूल गए??????????

नहीं करते

जान हद से ज्यादा किसी को सताया नहीं करते ,
जो रखे आपका ख्याल उसे रुलाया नहीं करते ,
जिसकी सांसे चलते हे आपकी आवाज़ से ,
उसे अपनी आवाज़ के लिए तडपाया नहीं करते !!!!!!!!

पहेला प्यार

प्यार की तड़प को दिखाया नहीं जाता ,
दिल में लगी आग को बुजाया नहीं ,
जाता चाहे लाख जुदाई हो यार से,
फिर भी पहेला प्यार भुलाया नहीं जाता!

आंखे

सामने न होतो बरसती हे ये आंखे ,
बिन्तेरे बहोत बरसती हे ये आंखे,
मेरे लिए न सही इन के लिए तो आ जाओ!
क्योंकि तुमसे बेपनाह प्यार करती हे ये आंखे!!

सकते

बीते पल कभी वापस नहीं आ सकते ,

सूखे फूल खिला नहीं करते ,

कभी कभी लगता हे आप हमें भूल गए,

पर दिल कहेता हे की आप हमें भुला नहीं सकते!!!!

लिखने वाले

लिखने वाला एक अहेसन लीख दे !
मेरे ताकीर में दोस्त का प्यार लिख दे !!
पर यह न लिखे की मेरे दोस्त कभी मुझसे नाराज़ हो !!!
वोह चाहे तो मेरे तक़दीर में हज़ार गाम लिख दे !!!!

दोस्त

आंसू की किंमत वोह जानते हे,
जो किसीको याद करते हे !
दिल में गम वोह जानते हे,
जो किसीको चाहते !
हे हमारा दर्द वोही जानते हे,
जो हमें दोस्त मानते हे !

लड़की

धोका मिला जब प्यार में जिन्दगी में उदासी छा गयी!
सोचा था की दुनिया छोड़ देंगे पर कमबख्त सोसाइटी में दूसरी आ गयी!!

आदत

आदत हे हरपाल आपको याद करने की!
इन आँखों को तरस हे आपकी एक जलक की!!
हमारी तो तम्मना हे आपको पाने की !!!
पर शायद आपको आदत हे हमें तडपाने की!!!!

महेनत

हर गम को पिया नहीं जाता!
कांच की चीजो को कभी उछाला नहीं जाती !!
कुछ कर के दिखाना हे तो महेनत कर मेरे दोस्त ,,
हर बात को किस्मत पर छोड़ी नहीं जाती !!

तरस

तारे आसमान में रहकर भी चमकते हे !

बदल दूर हे फिर ही बरसते हे!

हम भी कितने नादान हे,,

आप हमरे दिल में रहेते हो फिर भी मिलने को तरसते हे

दोस्त

हमें याद नहीं करते तो भूलते भी नहीं !
अगर हम हसाते नहीं तो कभी रुलाते भी नहीं !!
हम रोज़ नया दोस्त चाहे ना बनाते हो,,
पर जो बनाते हे वोह गवांते भी नहीं

महोबत

कितनी बेबस हे जिन्दगी किस्मत के आगे !

हर सपना तुट जाता हे किस्मत के आगे !!

जिसने कभी जुकना नहीं सिखा !!!

वोह भी जुक जाता हे महोबत के आगे!!!

Sunday, June 28, 2009

बताना

कोई तुम्हे इतना चाहे तो बताना !
कोई तुम्हारे इतने नाज़ उठाये तो बताना !!
प्यार तो हर कोई कर लेगा तुमसे!!!
कोई मेरी तरह प्यार निभाए तो बताना !!!!

Friday, June 26, 2009

याद

कुछ बदली हुई तक़दीर नज़र आती हे !
बहुत दूर तक यादो की जंजीर नज़र आती हे !
में पढू तो क्या पढू मेंरे यार हर पन्ने पर तेरी तस्वीर नज़र आती हे !!!!!!!!!!

Tuesday, June 23, 2009

NOTE

अगर आप ने कोई शयिरी या कविता या ग़ज़ल की रचना की हो और उसे जनता के बिच मेरे ब्लॉग के माध्यम द्वारा आप लोगो तक पंहुचा सकते हे आप अपनी रचना मुझे मेल कीजिये मेंरा इ मेल खता हे;dhavalvaniya@gmail.com
आप का नाम , शहर का नाम जरुर भेजे ताकि में आप की रचना के साथ आपका परिचय भी दे सकू

Sunday, June 7, 2009

arzzzzzzz kya heeeeee

दोस्तों की कमी को पहचानते हैं हम
दुनिया के गमो को भी जानते हैं हम
आप जैसे दोस्तों का सहारा है
तभी तो आज भी हँसकर जीना जानते हैं हम


आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी
जब हम ना होंगे तब हमारी बातें होंगी
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने
तब शायद आपकी आंखों से भी बरसातें होंगी


कोई दौलत पर नाज़ करते हैं
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं


हर खुशी दिल के करीब नहीं होती
ज़िंदगी ग़मों से दूर नहीं होती
इस दोस्ती को संभाल कर रखना
क्यूंकि दोस्ती हर किसी को नसीब नहीं होती


रेत पर नाम लिखते नहीं
रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं
लोग कहते हैं पत्थर दिल हैं हम
लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं


दिल से दिल की दूरी नहीं होती
काश कोई मज़बूरी नहीं होती
आपसे अभी मिलाने की तमन्ना है
लेकिन कहते हैं हर तमन्ना पुरी नहीं होती


फूलों से हसीं मुस्कान हो आपकी
चाँद सितारों से ज्यादा शान हो आपकी
ज़िंदगी का सिर्फ़ एक मकसद हो आपका
कि आंसमा से ऊँची उड़ान हो आपकी


वक्त के पन्ने पलटकर
फ़िर वो हसीं लम्हे जीने को दिल चाहता है
कभी मुशाकराते थे सभी दोस्त मिलकर
अब उन्हें साथ देखने को दिल तरस जाता है



Sunday, May 31, 2009

आप की याद केसे आएँगी,
आप क्यों ये समाज न पाते हे ,
याद तो सीर्फ उनकी आती हे ,
जीनको हम कभी भूल जाते हे ..
अशकों में जेसे धुल गए सब मुसुकुराते रंग ,
रासते में थक के सो गयी मासूम सी उमंग,
दिल हे की फीर भी ख्वाब सजाने का शोख हे ,
पत्थर पे भी गुलाब उगने का शोख हे ,
बरसो से यूं तो एक अमावस की रात हे ,
अब इसको होसला कहू ये जीद की बात हे ,
दील कहेता हे अँधेरे में भी रौशनी तो हे ,
माना की राख हो गयी उम्मीद के अलावा,
इस राख में भी आग कही पर तपी तो हे ....